सुकन्य पेंशन यजन

थोलकोबाद के ही बुधराम होनहागा ने इसे भविष्य के लिए बढ़यिा पहल बताते हुए कहा कि सारंडा जंगल में वनोत्पाद की कमी नहीं है। अगर इन वनोत्पाद की सही तरीके से मार्केटिग की जाये तो यहां के लोगों की दिशा व दशा बदल सकती है। सारंडा वन प्रमंडल की ओर से तैयार किया गया इम्युनिटी बूस्टर कोरोना काल में बेहतरीन नवाचार है। हमारा यह इलाका पहले खनिज व नक्सलवाद के लिए ही जाना जाता था। अब सारंडा के काढ़ा के लिए भी जाना जा रहा है। इस उत्पाद का ट्रेड लाइसेंस लेना अभी बाकी है। इसके बाद ही इसका व्यवसायिक इस्तेमाल हो सकेगा और आय का स्त्रोत बनेगा। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा। सरकार के साथ मिलकर इसकी ब्रांडिग की योजना बनानी होगी। हम लोग भी अपने स्तर से आसपास के लोगों को इस तरह के काम के लिए आगे आने को प्रेरित करेंगे।