सहयक मटर वहन नरक्षक पूर्व परक्ष

संवाद सहयोगी, किशनगंज: शहर में जिस तेजी से आबादी बढ़ी उस अनुपात में विकास नहीं हो पाया। नतीजतन आज भी शहर एक पार्किंग के लिए तरस रहा है। पार्किंग नहीं रहने की वजह से सड़कों पर गाड़ी खड़ी करना लोगों की मजबूरी है। ऐसे में जाम की समस्या भी बनी रहती है। जिले की आबादी लगभग 18 लाख है। वाहनों की भी संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन सड़कों की चौड़ाई ज्यों का त्यों है। मुख्य बाजार की सड़कें भी इतनी संकीर्ण है कि खरीदारी करनेवाले लोग दुकान के सामने एक वाहन खड़ी कर दिए तो जाम लगना तय है। इन सड़कों की चौड़ाई भी नहीं बढ़ सकती क्योंकि सड़क से सटे दोनों तरह इमारतें खड़ी है। कहने को तो नगर परिषद शहर में पार्किंग की सुविधा बहाल करती है। लेकिन नगर परिषद का रोना है कि उसे जमीन ही नहीं मिल रही तो पार्किंग कैसे बनाएं। ऐसे में लोगों को फिलहाल पार्किंग की सुविधा मिलना मुमकिन नहीं लग रहा। दूसरी तरफ ट्रैफिक व्यवस्था भी कारगर नहीं है। हालांकि ट्रैफिक व्यवस्था को सु²ढ़ बनाने के लिए शहर के आठ प्रमुख चौक चौराहों पर पुलिस की तैनाती की गई है। लेकिन ट्रैफिक का प्रशिक्षण नहीं रहने के कारण जैसे तैसे ड्यूटी निभा जिम्मेदारी पूरी करने में लगे रहते हैं। खासकर त्योहारों में तो जाम की समस्या आम है। शहर के मुख्य बाजार गांधी चौक, फल चौक, चांदनी चौक, सौदागरपट्टी रोड, रमजान पुल, भगत टोली रोड, डेमार्केट में लोगों को आए दिन जाम से जूझना पड़ता है। खासकर रात के समय तो जाम की समस्या और विकराल हो जाती है। घंटो लोगों को जाम में फंसकर पसीने बहाने पड़ते हैं। जिसकी मुख्य वजह बड़े वाहनों का बाजार में प्रवेश करना है। अगर बाजार में कहीं पार्किंग की सुविधा हो जाए तो निश्चित लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।