सहज जन सेव केंद्र

एफबीआई इस मामले की वोटिंग से दो दिन पहले तक जांच करता रहा ताकि अगर क्लिंटन के खिलाफ लगे आरोप सही पाए गए तो उन्‍हें सुरक्षा कानून के उल्‍लंघन में पकड़ा जा सके।