रतं क चर चर बले मर कंगन

अगर पुलिया बन जाती है तो समस्या का समाधान हो जाएगा। लोगों को सभी मौसम में आवागमन की सुविधा मिलने लगेगी।  हर चुनाव में पुल-पुलिया की सिर्फ घोषणा की जाती है, लेकिन चुनाव के बाद सब भूला दिया जाता है। बाढ़ के दिनों में तो रात के समय नाव से आवागमन पूरी तरह बंद रहता है। ऐसे में बीमार, वृद्ध को लाने ले जाने  में काफी परेशानी होती है। वही साल के नौ माह यहां के लोगों को कच्ची सड़क से आवागमन करना पड़ता है।