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वहीं, केंद्र सरकार एक्टिव मरीजों की संख्या के हिसाब से उस पर तत्काल कदम उठाए । केंद्र सरकार किए गए आवंटन को अगली किस्त में समायोजित भी कर सकती है। कोर्ट ने कहा केंद्र व राज्य सरकार महामारी को लेकर मिलकर बखूबी काम कर रही है। यह समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि केंद्र सरकार ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात व भिवाड़ी से ऑक्सीजन दे रही है, लेकिन टैंकर्स की उपलब्धता नहीं होने से ऑक्सीजन परिवहन में परेशानी हो रही है। केंद्र सरकार एक्टिव मरीजों के अनुपात में न तो ऑक्सीजन दे रही है और न ही आवश्यक दवा उपलब्ध करवा रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह समय पर सप्लाई के साथ ही परिवहन के लिए टैंकर उपलब्ध करवाए। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी। गौरतलब है कि कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की किल्लत है। इसी को लेकर इन दिनों राजस्थान हाईकोर्ट सख्त है।