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संवाद सहयोगी, लखीसराय : किसानों को व्यापारियों एवं बिचौलिए के चंगुल से बचाकर उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने को लेकर सरकार ने पैक्स एवं व्यापार मंडल के माध्यम से गेहूं अधिप्राप्ति करने की व्यवस्था की है। सहकारिता विभाग ने 1,850 रुपये प्रति क्विटल की दर से जिले के किसानों से छह हजार मीट्रिक टन गेहूं अधिप्राप्ति करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 15 अप्रैल 19 से ही गेहूं अधिप्राप्ति करने की तिथि निर्धारित है। परंतु लोकसभा चुनाव के कारण गेहूं अधिप्राप्ति को लेकर अब तक जिला टास्क फोर्स की बैठक नहीं की जा सकी है। इस कारण गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य शुरू नहीं होने के कारण जरूरतमंद किसान कम कीमत पर व्यापारी के हाथों गेहूं बेचने को विवश हैं। जिले के किसानों का गेहूं प्रमुख फसल है। गेहूं की फसल पर किसानों की उम्मीद टिकी रहती है। किसान गेहूं बेचकर घर में होने वाले शादी आदि कार्यों को संपन्न कराते हैं। परंतु लोकसभा चुनाव ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गेहूं अधिप्राप्ति शुरू नहीं होने के कारण जरूरतमंद किसान व्यापारियों के हाथों कम कीमत पर गेहूं बेचने को विवश हैं। जिले के कई किसानों को गेहूं रखने की जगह नहीं है। इस कारण भी किसान व्यापारियों के हाथों गेहूं बेच रहे हैं। जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज शर्मा की मानें तो लोकसभा चुनाव के बाद गेहूं अधिप्राप्ति को लेकर जिला टास्क फोर्स की बैठक हो सकेगी। इसके बाद ही धान अधिप्राप्ति का कार्य शुरू हो पाएगा। जाहिर है कि लोकसभा चुनाव समाप्त होने तक जरूरतमंद किसानों द्वारा व्यापारियों के हाथों कम कीमत पर गेहूं की बिक्री कर दी जाएगी।