मेघन बर्डकर

उन दो कम्पनियों में से एक प्राइवेट कंपनी थी और दूसरी केंद्र सरकार की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड कंपनी थी. चूंकि सरकारी कंपनी की अनुमानित लागत प्राइवेट कंपनी की अनुमानित लागत से कम थी, तो हमने केंद्र सरकार की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को चुना. उन्होंने कहा कि मैं अजय माकन जी से पूछना चाहता हूं कि जब अभी काम शुरू ही नहीं हुआ तो घोटाला कहां और कैसे हुआ?