लड़क क च मरते हुए

नांगल चौधरी क्षेत्र भूमिगत जलस्रोत सूखने के कारण डार्कजोन में सम्मिलित है। इस बार खरीफ फसल का बंपर उत्पादन हुआ है। किसान अब रबी फसल बिजाई की तैयारियों में जुट गए हैं। अगले दो दिन बाद सरसों बिजाई के लिए पलेवा कार्य शुरू होना है, लेकिन यहां गिरते भूमिगत जलस्तर व घटते बरखा के दिनों के कारण अधिकतर किसानों के कृषि ट्यूबवेल नकारा हो गए हैं। किसान अब फसल सिचाई के लिए सिर्फ नहरी पानी पर निर्भर हैं, लेकिन कम बरसात के चलते अबकि बार नहर विभाग को भी पानी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। नहरों में पानी बंद है। विभाग ने अगले बीस दिन बाद ही नहरों में पानी चलने की उम्मीद जताई है। ऐसे में रबी फसल बिजाई की तैयारी में जुटे किसानों के पसीने छूटने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यदि बीस दिन बाद नहरों में पानी चलेगा तो वे समय पर सरसों की बिजाई नहीं कर सकेंगे। देर से बिजाई करने पर फसल के पूरा ग्रोथ नहीं करने पर उत्पादन भी प्रभावित होगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि सरकार को रबी फसल बिजाई का समय देखते हुए नहरों में पानी उपलब्ध करवाना चाहिए। वर्जन : -------