इंदर वरणस ट्रेन

लेकिन पंचायत के बाद इकबाल शादी से मुकर गया। मामले में पुलिस ने इकबाल के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इधर, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने मामले में पांच गवाह पेश किए। स्पेशल जज पॉस्को विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने पीड़िता के बयानों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इकबाल को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 57 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।