ग्रम पंचयत सड़क यजन

विशुनगढ़ रोड हनुमानगढ़ी के पास राजेश मिश्रा परिवार के साथ रहते हैं। 45 वर्षीय पत्नी शैलजा मिश्रा करीब तीन माह से बीमार चल रही थी। रविवार रात को तबियत अधिक बिगड़ गई। सोमवार सुबह नगला दिलू स्थित 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डाक्टरों ने परीक्षण के बाद हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर की आवश्यकता बताई। सैफई या कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कानपुर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां वेंटिलेटर पर पहुंचने के 10 मिनट बाद उनको मृत घोषित कर दिया गया। शैलजा मिश्रा के दो बेटियां हैं। कानपुर से शव घर पहुंचते ही चीखपुकार मच गई। स्वजन का कहना है कि यदि 100 शैया अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा मिल जाती तो शायद शैलजा की जान नहीं जाती। जिम्मेदार बोले