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सुशील पांडे, नवांशहर : पिछले साल बरसात के मौसम में बाढ़ आने से जिले के कई हिस्सों में लोगों को नुक्सान हुआ था, लेकिन इस साल भी प्रशासन की ओर से बाढ़ की रोकथाम के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। जिले के गांव ताजोवाल, मिर्जापुर, बुर्जटहिल दास व पंदरौड में स्थिती इतनी गंभीर थी कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए 67 गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के आदेश तक डिप्टी कमिश्नर की ओर से दे दिए गए थे। जहां तक की आपात स्थिती से निपटने के लिए सेना तक को बुला लिया गया था पर इतना सब कुछ होने के बाद भी स्थिति में कुछ खास बदलाव नही आया है।