एएलप सइक टेस्ट

मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में क्लीनिक व नन-क्लिनिकल दोनों मिलाकर लगभग 18 की संख्या में सीनियर रेसिटेंड डाक्टर कार्यरत हैं। हडताल के संबंध में डा. गजेन्द्र नायक ने बताया कि उन लोगों ने विगत 31 जुलाई को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में अपना योगदान दिया था। योगदान के बाद से अब तक तीन माह से अधिक समय हो चुका है। लेकिन हमें अब तक वेतन भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही कहा कि उन लोगों ने पीजी की पढ़ाई के बाद एक वर्ष के बॉन्ड पर लगभग साठ हजार रूपये मासिक पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अपनी सेवाएं देना प्रारंभ किया। मासिक मानदेय को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के साथ वृद्धि कर इसे 75 हजार रूपये मासिक करने पर सहमति बनी थी। वहीं अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण उनलोगों ने ओवरटाइम कार्य करने का भी आरोप लगाया। साथ ही पारामेडिकल कर्मियों व स्टाफ नर्स की कमी के कारण भी कार्य संपादित करने में परेशानी होती है। साथ ही दोहराया कि यदि उनकी मांगों को एक सप्ताह के अंदर नहीं मानी जाती है तो वे लोग इमरजेंसी सेवाओं को भी बाधित करेंगे। हड़ताल पर जानेवाले सीनियर रेसिटेंड डाक्टरों में डा. गजेन्द्र नायक, डा. अमन सिन्हा, डा. निखिल, डा. अनिल, डा. अनुपमा कुमारी ,डा. सीता पाइक्रा, डा.ज्योति कुमारी आदि शामिल थे।