दल्ल में इलेक्शन कब है

क्षेत्र के पांती स्थित दिव्य ज्योति जटाधारी शिव मंदिर सन 2001 में अस्तित्व में आया था। इस मंदिर के प्रति लोगों में व्याप्त आस्था के चलते कुछ ही महीनों में वहां भव्य मंदिर का निर्माण हो गया। मंदिर के प्रति लोगों में आस्था के चलते प्रति वर्ष शिवरात्रि, डाला छठ के साथ ही श्रावण मास में भव्य मेला लगता है। श्रावण मास में कांवड़ियों की भारी भीड़ जुटती है तो लोग वैवाहिक आयोजन भी मंदिर को साक्षी मानकर करते हैं। मंदिर के प्रति लोगों की आस्था का संज्ञान लेकर प्रदेश पर्यटन विभाग ने मंदिर को पर्यटन का दर्जा दिए जाने की संभावना की तलाश शुरू कर दिया है और बकायदा प्रदेश पर्यटन विभाग की टीम ने सोमवार को गांव में पहुंचकर पर्यटन के विकास के सभी बिदुओं का गहराई से निरीक्षण किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष सर्वजीत मल्ल ने बताया कि इससे मंदिर के विकास के साथ ही गांव का विकास होगा और लोगों को रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा।