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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह आशंका जताई कि अगर राहत दी गई तो राव फरार हो सकता है या पुलिस पार्टी पर गंभीर हमला कर सकता है यदि उसने अपनी भाभी की मौत के बाद के अनुष्ठानों के लिए उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट की उपस्थिति में भेजा जाता है तो। मामले की सुनवाई करने वाले यूएपीए जज किशोर डी वड़ाने ने दोनों पक्षों के तर्क वितर्क सुने और फैसला सुरक्षित कर लिया है इस मामले में वो 29 जनवरी (सोमवार) को फैसला सुनाएंगे। बता दें कि राव उन नौ आरोपियों में से एक है जिन्हें नकसलियों के साथ संबंध होने के चलते गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि राव की भाभी की मौत 22 अप्रैल को हुई थी। राव ने उसी दिन अस्थयायी जमानत के लिए आवेदन कर दिया था।