बर्बद कर दय अर्थ

वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन लगभग हजार मरीजों की ओपीडी है। वहीं लगभग सौ के करीब आईपीडी भी होती है। साथ ही प्रतिदिन करीब 20 गर्भवती महिलाओं का प्रसव आपॅरेशन या नॉरमल डिलिवरी के माध्यम से कराया जाता है। इसके लिए अस्पताल के गायनेकॉलॉजी विभाग में विभागाध्यक्ष सहित छ: डाक्टरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसमें दो असिस्टेंट प्रोफेसर व दो एसआर व एक जेआर डाक्टर शामिल हैं। जबकि दो मेडिकल आफिसर डाक्टरों की सप्ताह में तीन दिनों के लिए प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही ऑपरेशन के दौरान एनेस्थेसियया के लिए तीन डाक्टरों की भी प्रतिनियुक्त की गई है। लेकिन इन सब के बावजूद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के होनेवाले प्रसवों की संख्या कम हो रही है। वहीं प्रसव कराने अस्पताल पहुंची गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में सुविधाओं की कमी की बात कह कर रिस्क की बात बताई जाती है। इससे मरीज के परिजन जो गांव-देहात से आते हैं, घबरा कर निजी नर्सिंग होम का रूख कर लेते हैं। यह सच है कि एमसीआई के मानकों के अनुरूप अस्पताल में एनेस्थेसिया की व्यवस्था या आवश्यक दवाओं की कमी है। लेकिन अब तक पुरानी व्यवस्थाओं के तहत ही मरीजों का उपचार कर राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। अब एमसीआई के मानकों का हवाला देने से सिजेरियन या बंध्याकरण का ऑपरेशन के ग्राफ नीचे जा रहा है।