बएमएस इंजनयरंग कलेज

मेडिकल कॉलेज अस्पताल की जांच करने के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट एमसीआई को भेज दी। संभावना जताई जा रही है कि यदि अगले कुछ माह में अस्पताल में मापदंडों के अनुसार बदलाव नहीं किए गए तो शायद एमसीआई कॉलेज में नामांकन की सीटों की संख्या को आधी कर सकता है। टीम में नई दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग, तिरूपति बालाजी मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग व बंगलुरू मेडिकल कॉलेज के बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर शामिल थे।