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हालात को लेकर नट बस्ती के लोगों ने शनिवार को सीडीओ रामसिंह वर्मा के यहां मोबाइल पर सूचना दी थी। सीडीओ ने डीएसओ हिमांशु द्विवेदी को फोनकर तत्काल टीम को मौके पर भेजने का निर्देश दिया था। रविवार को पूर्ति निरीक्षक के नेतृत्व वाली टीम गांव में पहुंची तो नट समाज के लोगों ने एक सिरे से अपनी कहानी कह डाली। पूर्ति निरीक्षक आनंद यादव की टीम के लोगों ने नट बस्ती व डोम बस्ती का जायजा लिया और प्रधान व कोटेदार शेषनाथ यादव की मौजूदगी में भूखों सो रहे परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सरकंडा गांव में नट बस्ती तीन जगह पर रहते हैं जबकि डोम विरादरी के लोग एक जगह रहते हैं। नट व डोम बस्ती मिलाकर करीब 50 परिवार यहां रहते हैं। इनकी संख्या करीब 300 के करीब है। इनका पुश्तैनी धंधा गांव-गांव ढोलक बजाकर भिक्षा मांगना है और भिक्षा से ही इनके यहां का चूल्हा जलता है। कोरोना की बंदी की वजह से यह लोग घरों में कैद है और पिछले दो दिन से कई परिवारों के यहां चूल्हा नहीं जल रहा है।