ऐतहसक धरहरं क संरक्षण

कोरबा (मनोज शर्मा). भगवान श्री राम का नाम लेकर कई लोगों ने अपने सियासी करियर में सितारे जोड़ लिए। मगर बहुत से अब भी गुमनामी की जिंदगी ही जी रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के सुदूर गांव में एक ऐसा ही शख्स इन दिनों भीख मांगकर जिंदगी बिता रहा है। इनका नाम है गेसराम चौहान। कोरबा जिले की करतला तहसील के ग्राम चचिया के मूलनिवासी हैं। वे छत्तीसगढ़ के ऐसे एक मात्र व्यक्ति हैं जिन्हें 1990 की कारसेवा के दौरान पेट में गोली लगी थी। उसके बाद 1992 की कारसेवा में भी शामिल हुए और लाठियां खाई। गेसराम उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने विवादित ढांचा गिराकर अयोध्या में राम मंदिर बनाने का आंदोलन किया।