6 मर्च 2019 क कुंडल भग्य

कंपनियां भारी लाभ कमाने के उद्धेश्य से अलग-अलग दर पर वैक्सीन उलब्ध करा रही है। ऐसे में केंद्र सरकार और निजी कंपनियां संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन कर रही है। केंद्र सरकार 45 साल तक से अधिक उम्र के लोगों के लिए केंद्र सरकार मुफ्त में वैक्सीन दे रही है। अब राज्य सरकार को चाहिए कि वह 18 से 45 साल तक के लोगों को फ्री वैक्सीन उपलब्ध कराए। याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में वैक्सीनेशन कोलेकर 35 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। पीएएम केयर्स फंड में भी करीब 900 से एक हजार करोड़ रुपये का फंड होने का अनुमान है। ऐसे में केंद्र सरकार को पूरे देश में फ्री वैक्सीनेशन ड्राइव चलानी चाहिए, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसके लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। उल्लेखनीय है कि वैक्सीन की दरों को लेकर पहले ही देशभर में विवाद चल रहा है। कई राज्य पहले से ही वैक्सीन की दरों में अंतर को लेकर सवाल उठा चुके हैं।