पन लेकर ल

बताया कि लक्षणात्मक लोगों के ऑक्सीजन सैचुरेशन की जांच पल्स ऑक्सीमीटर से की जाएगी, इसकी रीडिग 94 प्रतिशत से कम आने पर प्रकरण सीएमओ, निकट सीएचसी, जिला चिकित्सालय को संदर्भित किया जाएगा। प्रत्येक प्रयोग के पश्चात पल्स ऑक्सीमीटर को हाइड्रोजन पराक्साइड से भी विसंक्रमित किया जाएगा। स्क्रीनिग के दौरान यदि किसी व्यक्ति में खासी, बुखार,सांस लेने में तकलीफ तथा गले में खरास हो तो इसकी सूचना राज्य स्तर के टोल फ्री नंबर 1800-180-5145 या जनपदीय नियंत्रण कक्ष को दी जाएगी। आरोग्य सेतु एप व आयुष कवच एप के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।