बेगमपुर एक्सप्रेस टइम टेबल

लोहरदगा, [राकेश कुमार सिन्हा]। लोहरदगा में लोकसभा का चुनाव हमेशा से ही दिलचस्प रहा है। यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच तीसरे लोकसभा चुनाव से ही शह-मात का खेल चल रहा है। 60-70 के दशक में लोहरदगा कांग्रेस के गढ़ के रूप में विख्यात था। उस दौरान यहां कांग्रेस का ही सिक्का चलता था। 1977 में पहली बार कांग्रेस की परंपरागत सीट में सेंध लगी थी।