बकऱ्यच टक्कर

एनडीआरएफ की बोट पर बैठकर नौकायन करके सर्वे करना आसान है। लेकिन जनता इस समय जिस हालात से गुजर रही है। उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। गंगा, वरुणा, असि, उफान पर है। तटवर्ती इलाको में पानी का प्रकोप है। सवाल यह है कि शासन में बैठे लोग इस तरह संवेदनहीन क्यों हैं। सरकार सिर्फ वादों में सीमित है। प्रचार-प्रसार ही इस सरकार का मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि काशी में बाढ़ से प्रभावित एक तरफ जहां कुछ लोग अपने घरों से सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके घर के चारों ओर पानी ही पानी है। सरकार बस खानापूर्ति में व्यस्त है। बताया कि पार्टी कार्यकर्ता भी इस मु‍श्किल समय में आम जनता के साथ खड़े हैं।