spasmo proxyvon प्लस हंद में उपयग

कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि भादंसं की धारा 153ए (धर्म, भाषा, नस्ल के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करने), 505 (अफवाह फैलाना) और आर्म्स एक्ट धारा 27/30 के तहत अभियोग के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूरी नहीं ली गई है। इस आरोपों के लिए पर्याप्त साक्ष्य भी नहीं हैं। ऐसे में इन आरोपों के तहत आरोप पत्र पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता। इस मामले से जुड़े आरोपित तनवीर मलिक की जेल की पिटाई के मामले में जेल प्रशासन ने जांच रिपोर्ट कोर्ट में जमा करा दी है।