सआईएसफ हेड कंस्टेबल एडमट कर्ड 2019

बता दें कि नगर के मुहल्ला आंबेडकर नगर निवासी गर्भवती मायादेवी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी के सामने स्थित कमलेश देवी अस्पताल में भर्ती कराया। 15 मार्च को इलाज के दौरान महिला चिकित्सक ने अस्पताल के बाहर कमलेश देवी मैटरनिटी एवं डाईग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें एक शिशु बताया गया। प्रसव के दौरान वह मृत पैदा हुआ। 17 मार्च तक माया देवी अस्पताल में भर्ती रही। इसके बाद स्वजन महिला को घर ले गए। आरोप है कि घर पर माया देवी की हालत फिर से बिगड़ गई। 19 मार्च को उसे इसी अस्पताल में लेकर पहुंचे लेकिन, फिर भेज दिया। बिना इलाज के भेजने पर हंगामा भी हुआ। बाद में स्वजन सीएचसी लेकर पहुंचे तो वहां से मुरादाबाद के डेंटल में भेज दिया गया। स्वजन के मुताबिक रविवार की शाम को वहां पर दूसरा अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि महिला के गर्भ में अभी दूसरा बच्चा और है। वहां से उन्हें भेज दिया गया। इससे क्षुब्ध होकर स्वजन महिला को एंबुलेंस में लेकर कमलेश देवी अस्पताल पर पहुंचे और हंगामा करते हुए सड़क पर जाम लगाया। खास बात है कि इतने हंगामा व जाम आदि लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग खामोश है। जबकि पूरे प्रकरण की जानकारी विभागीय अधिकारियों को है। फिर भी कार्रवाई की बात तो दूर जांच तक करने की जहमत नहीं जुटाई है। जबकि ये अस्पताल सरकारी अस्पताल के सामने स्थित है। फिर भी विभाग आंख बंद कर बैठा हुआ है। इस केस को लीड करने वालीं महिला चिकित्सक डा. उर्वी गुप्ता ने दावा किया है कि महिला के गर्भ में दूसरा शिशु नहीं है। खून की कमी होने की वजह से उसकी हालत बिगड़ रही है। जब तक महिला अस्पताल में भर्ती रही। तक तक इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। मना करने के बाद भी स्वजन महिला को स्वेच्छा से लेकर गए हैं। ये बात वह लिखित रूप में भी दे गए हैं।