मसक बैठक क्यं

गांव मंडौरा निवासी अनीता ने 12 अक्टूबर 2015 को बारोटा चौकी में पति राजू (32) की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उसका पति राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में काम करता था और 10 अक्टूबर 2015 को फैक्ट्री के चौकीदार से मंदिर जाने की बात कह कर निकला था। इसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। उसने राजू को बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। मामले की छानबीन करते हुए पुलिस ने अगले दिन पश्चिमी यमुना ¨लक नहर के पास गड्ढे से राजू का शव बरामद किया था। शव क्षत-विक्षत था। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ था कि उसकी तेजधार हथियार से हत्या की गई है। पुलिस ने जांच करते हुए मामले में गांव ¨बदरौली निवासी सुनील, बिजेंद्र, हरिओम व मोई निवासी विकास को गिरफ्तार किया। सुनील पहले राजू के साथ काम करता था, जहां पर उसकी आपस में कहासुनी हुई थी और बदले की भावना से उसने हत्या की बात कबूली थी। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने बयान दिया कि उसके अनीता के साथ अवैध संबंध थे। उसने अनीता के साथ मिलकर उसके पति राजू की हत्या का षड्यंत्र रचा था। इसके बाद पुलिस ने 2 नवंबर 2015 को अनीता को भी काबू कर लिया था।  मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अजय तेवतिया की अदालत ने अनीता, सुनील, बिजेंद्र, विकास व हरिओम को दोषी करार दिया। अदालत ने पांचों को हत्या के मामले में उम्रकैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना व शव को खुर्द-बुर्द करने में भी सजा व 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है।