छय कुमर

जेएनएन, अमरोहा : स्वास्थ्य विभाग में साहब की मेहरबानी से डिप्टी सीएमओ ही नहीं एक महिला फार्मासिस्ट भी मिस्टर इंडिया बन गईं हैं। उन्हें घर बैठे वेतन देने की सुविधा मुहैया करा दी गई है। हालांकि टोकाटाकी शुरू होने पर फरवरी से उनके वेतन पर रोक लगा दी गई है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग उनके कार्यालय आने का दावा कर रहा है मगर कर्मचारियों व अन्य अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कभी उसकी सूरत तक नहीं देखी। शिकायत मिलने पर अपर निदेशक स्वास्थ्य ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। सीएमओ कार्यालय में तैनाती एसीएमओ डा. इंदुबाला वर्मा का घर बैठे वेतन लेने का प्रकरण ठंडा भी नहीं हुआ था कि बिना ड्यूटी के महिला फार्मासिस्ट को वेतन भुगतान करने का आरोप लगा है। बदायूं की रहने वाली महिला फार्मासिस्ट शुगुफ्ता परवीन 2019 में नौगावां सादात में फार्मासिस्ट के पद पर तैनाती हुई थीं। पिछले साल अगस्त में तत्कालीन सीएमओ ने मुन्नी देवी प्रसवोत्तर केंद्र में तैनात कर दिया। यहां काम करने वाले कर्मचारियों की मानें तो वह तैनाती से आज तक ड्यूटी पर नहीं आईं। न ही कर्मचारियों ने उन्हें कभी देखा, लेकिन सीएमओ से लेकर अन्य अधिकारी बिना किसी सवाल जवाब के उनका वेतन देते रहे। कर्मचारियों का कहना है कि बीते फरवरी में एक शिकायत पर उनके बारे में पूछताछ शुरू हुई तो आनन-फानन में उनके वेतन पर रोक लगा दी गई। इसके बाद लगातार आरोपित कर्मी 15-15 दिन की चिकित्सीय अवकाश के लिए प्रार्थनापत्र भेज रहीं हैं। एसीएमओ डा. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तैनाती के बाद वह ड्यूटी पर आई थीं। उन्हें जनवरी तक वेतन का भुगतान किया गया है। ड्यूटी पर न आने के चलते फरवरी से वेतन पर रोक लगा दी है। -महिला फार्मासिस्ट शुगुफ्ता परवीन को मैंने भी नहीं देखा है। शिकायत पर एडी हेल्थ ने आरोपित महिला कर्मी का पूरा रिकार्ड तलब किया है। इसकी जांच वह स्वयं कर रही हैं। -डा. दिनेश कुमार, एसीएमओ -बिना ड्यूटी के महिला फार्मासिस्ट को वेतन भुगतान की शिकायत मिली थी। रिकार्ड को तलब किया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। -डा. सीमा अग्रवाल, एडी हेल्थ