कर्ज लेकर घ पन

धरने पर किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। देश का किसान शांतिपूर्ण ढंग से पिछले 19 दिन से दिल्ली बार्डर पर आंदोलन चला तीन कृषि कानून रद करने के साथ एमएसपी की गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास किसानों की जायज मांगों को सुनने का समय नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि तीन कृषि कानून लागू होने से मंडी व्यवस्था ध्वस्त होने के साथ एमएसपी खत्म हो जाएगी। किसान अपनी जोत का मालिक होने की बजाय महज मजदूर बन कर रह जायेगा। बड़े पूंजीपति उसे अपना दास बना लेंगी। इसी खतरे को भांप तमाम देश के किसान सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार उनके साथ तानाशाही कर रही है जो असहनीय है। संघर्ष में साथ देने का किया वादा